Friday, April 5, 2013

आज भी...


आज भी तुझको ढूँढती है ये नज़र ...

ऐसा है मुझपर तेरे प्यार का असर ...

भुला नहीं पाई हूँ तुझे आज भी मगर ...

बस आस लगाये बैठी हूँ के मिले तेरी कोई खबर ...

ख्वाब देखा मैंने के बन जाए हम एक दुसरे के हमसफ़र ...

जैसे ज़िन्दगी ही बन जाए एक सुहाना सा सफ़र ....

शायद है तू मेरे इन जस्बातों से अनजान ... है तू बेखबर ...

बता दे मुझको... तुझे भी है मुझसे प्यार अगर ... .है तुझे भी मुझसे प्यार अगर ....